शुक्रवार 14 अगस्त 2026 - 12:45
जंग में ईरान की जीत जनता के प्रतिरोध और ईमान की देन है।आयतुल्लाह नासरी

हौज़ा / आयतुल्लाह नासरी ने कहा कि अमेरिका के पास बड़ी सैन्य शक्ति, आधुनिक हथियार और युद्धपोत होने के बावजूद वह दुनिया में असफल माना जा रहा है। आज दुनिया के अधिकांश लोग ईरान को युद्ध का विजेता मानते हैं। यह सफलता ईरानी जनता के प्रतिरोध, एकता और मज़बूत ईमान का परिणाम है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , आयतुल्लाह मुहम्मद रज़ा नासरी ने कहा कि ईरान की युद्ध में सफलता का सबसे बड़ा कारण जनता का प्रतिरोध, ईमान और एकता है। उनके अनुसार अमेरिका के पास बड़ी सैन्य ताकत, हथियार और युद्धपोत होने के बावजूद वह अपने उद्देश्यों में सफल नहीं हुआ और दुनिया के बहुत से लोग ईरान को युद्ध में विजेता मानते हैं।

उन्होंने कहा कि अल्लाह की नेमतों का शुक्र केवल ज़ुबान से नहीं, बल्कि उनका सही और उचित इस्तेमाल करने से होता है। स्वास्थ्य, सुरक्षा और शांति जैसी नेमतों की रक्षा करना और उन्हें समाज की भलाई के लिए इस्तेमाल करना ज़रूरी है।

आयतुल्लाह नासरी ने एकता को दुश्मन के मुकाबले सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि हमारी सबसे बड़ी कमजोरी आपसी फूट है। दुश्मन हमेशा लोगों में मतभेद और विभाजन पैदा करके उन्हें कमजोर करने की कोशिश करता है, इसलिए जनता को एकजुट रहकर साज़िशों का मुकाबला करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रतिरोध में कठिनाइयां और बलिदान ज़रूरी होते हैं, लेकिन उसका परिणाम सम्मान, ईश्वरीय सहायता और विजय है, जबकि दुश्मन के सामने झुकने के नुकसान कहीं अधिक होते हैं।

उन्होंने इमाम हुसैन (अ.स.) के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) ने अत्याचार के सामने झुकने के बजाय प्रतिरोध किया और अपनी शहादत के ज़रिए इस्लाम को जीवित रखा।

अंत में उन्होंने कहा कि जनता ने प्रतिरोध करके अपना कर्तव्य निभाया है, अब सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों को भी मेहनत और बेहतर योजना के जरिए जनता की आर्थिक और रोज़मर्रा की समस्याओं को दूर करना चाहिए।

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha